हर परिवार को एक करोड़ दिलाने की कौन सी लड़ाई लड़ रहे थे ICAS जितेंद्र झा?

केंद्र सरकार में सचिव सुपौल निवासी जीतेंद्र कुमार झा सोमवार से लापता है, कल उनकी लाश मिलने की खबर भी आयी थी. हालांकि उनकी पत्नी ने लाश को पहचानने से इनकार कर दिया. उनके बारे में यह कहा जा रहा है कि उनका बार-बार तबादला हुआ करता था, जिससे वे परेशान रहा करते थे. मगर सोशल मीडिया में और उनके फेसबुक वाल से ऐसी कई खतरनाक सूचनाएं मिल रही हैं, जिससे पता चलता है कि उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई जंग छेड़ रखी थी और इसके सुबूत भी उनके पास थे.

खास कर चौदह जून की उनकी फेसबुक पोस्ट और 22 जून की ट्विटर पोस्ट चौंकाने वाली है. इन दो पोस्टों के जरिये वे केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों द्वारा पिछले 44 साल में 30 लाख करोड़ रुपये के घपले की बात करते हैं और लोगों से अपील करते हैं कि सभी लोग अपने जिलों में जाकर अपना हक मांगिये. हर परिवार के हिस्से कम से कम एक करोड़ जरूर आयेगा, जो इन भ्रष्ट अफसरों ने हड़प लिया है.

14 फरवरी को यह आवेदन उन्हें दिल्ली के शिव नाम के शख्स ने दिया था.

दरअसल, ऐसा प्रतीत होता है कि वे 13 फरवरी को शिवा नामक के एक व्यक्ति द्वारा मिले आवेदन के बाद करते हैं. यह आवेदन उनके नाम से लिखा और 14 फरवरी को स्वीकार किया गया है. इस आवेदन के साथ संभवतः उन्हें कुछ ऑडियो क्लिप भी सौंपे गये हैं.

उनके फेसबुक पोस्ट से जाहिर होता है कि उन्होंने खुद दो आरटीआई आवेदन भी किये थे और कई सवालों के साथ इस पूरे मामले की जानकारी मांगी थी, जो उन्हें नहीं मिली. बाद में जून में उन्होंने इन आवेदनों के साथ 859 पन्ने की एक लंबी रिपोर्ट भी शेयर की है. इस रिपोर्ट से यह भी जाहिर है कि उन्होंने सैकड़ों लोगों को यह रिपोर्ट मेल से भी भेजी है.

हालांकि इस रिपोर्ट से सरसरी तौर पर गुजरते हुए लगता है कि वे कहीं भगवान की बातें करते लगते हैं, तो कहीं आध्यात्मिकता में चले जाते हैं. मुमकिन है कि उन्हें मिली जानकारी ने उन्हें मानसिक रूप से थोड़ा परेशान कर दिया हो. बहरहाल इन तमाम रिपोर्टों को इस स्टोरी के साथ संलग्न किया जा रहा है.

उनकी इस रिपोर्ट की हेडिंग है, Let’s Unite in restoring the faith in Bureaucracy and return the share of looted money to save all of us including all those who have looted. इस रिपोर्ट को ध्यान से पढ़ा नहीं गया है. इतनी लंबी और इतनी उलझी हुई रिपोर्ट है कि पढ़ना धैर्य का काम है. मगर यह साफ है कि या तो उनके पास कोई बहुत बड़ी जानकारी थी, या वे किसी कपोल कल्पना में मानसिक रूप से बीमार हो गये थे. बहरहाल इस रिपोर्ट को हम यहां सार्वजनिक कर रहे हैं.

विस्तृत जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें-

जीतेंद्र झा के फेसबुक वाल पर 30 लाख करोड़ की कथित भ्रष्टाचार की रिपोर्ट

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