सोशल मीडिया का दम- धड़ाधड़ मुआवजा राशि लौटा रहे हैं फर्जी बाढ़ पीड़ित

इन दिनों बिहार के किशनगंज जिले के कोचाधामन में उल्टी गंगा बह रही है. अब तक 292 फरजी बाढ़पीड़ितों ने सरकारी खजाने में 17.52 लाख जमा कराये हैं. इतना ही नहीं पंचायत प्रतिनिधि भी पीड़ितों से लिया गया कमीशन वापस कर रहे हैं. खबर सीमांचल नामक फेसबुक और वाट्सएप ग्रुप के खुलासे से यह दबाव बना है.

पुष्यमित्र

किशनगंज के कोचाधामन प्रखंड में इन दिनों उल्टी गंगा बह रही है. ऐसे लोग जिन्होंने गलत जानकारी देकर बाढ़ पीड़ितों का मुआवजा हासिल कर लिया था, वे अब  मुआवजा लौटा रहे हैं. अब तक 292 लोगों ने 17 लाख से अधिक मुआवजा राशि सरकारी खजाने में जमा करा दी है. इसके अलावा मुआवजा देने के बदले जिन पंचायत प्रतिनिधियों ने पीड़ितों से कमीशन की राशि वसूली थी, वे भी वापस कर रहे हैं. यह सब किशनगंज के पॉपुलर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हुए खुलासों अगर लगातार लोगों के बढ़ते दबाव की वजह से होता बताया जा रहा है.
ऐसे शुरू हुई भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम
खबर सीमांचल फेसबुक-वाट्सएप ग्रुप के मोडरेटर हसन जावेद बताते हैं कि इन सबकी शुरुआत दो सितंबर को हुई. मेरे सामने मेरे गांव का वार्ड सदस्य एक बाढ़ पीड़ित महिला से मुआवजा राशि दिलाने के नाम पर पैसे मांग रहा था. मैंने इस पूरी बातचीत का वीडियो बना लिया और खबर सीमांचल के फेसबुक-वाट्सग्रुप पर डाल दिया. हमारे फेसबुक ग्रुप पर दो लाख 14 हजार से अधिक मेंबर हैं. वहां यह वीडियो देखते-देखते खूब शेयर होने लगा, उसे वाट्सग्रुप पर भी डाल दिया गया. इस पर राजनीतिक लोग सक्रिय हुए और उस वार्ड सदस्य ने दबाव में उन सभी लोगों के पैसे वापस किये, जिनसे उसने वसूली की थी.
ऐसे जंग छिड़ी थी खबर सीमांचल पर
इसके बाद देखा-देखी हमारे ग्रुप के कई लोगों ने वीडियो पोस्ट करना शुरू कर दिया. कुछ युवकों ने मुआवजा बंटने की पूरी लिस्ट ही निकाल ली और उसे पोस्ट कर बताना शुरू कर दिया कि फलां मुखिया का रिलेटिव है, फलां अविवाहित है, फिर भी इसे मुआवजा मिल गया है. देखते-देखते माहौल बन गया और पंचायत प्रतिनिधि दबाव में आने लगे. यह दबाव इतना जबरदस्त बना कि दिघलबैंक के सतकौआ के मुखिया ने दो लाख और कोचाधामन के बलिया पंचायत के वार्ड 1 और 2 के मेंबर ने एक लाख सत्तर हजार की कमीशन की राशि लोगों को वापस की. इसी दौरान यह भी पता चला कि मौधो पंचायत के पंचायत समिति सदस्य ने छह वार्डों में अलग-अलग नाम लिखा कर राहत राशि वसूल ली है. कोचाधान पंचायत के मुखिया के परिवार में 60 लोगों को बाढ़ राहत का मुआवजा मिला.
फिर जिला प्रशासन ने भी जारी किया नोटिस
ये खुलासे इतने जबरदस्त थे कि 22 अक्तूबर को जिला प्रशासन ने कोचाधान में नोटिस जारी किया कि ऐसे लोग जो अयोग्य हैं और उन्होंने बाढ़ राहत का मुआवजा ले लिया है वे 4 नवंबर तक नाजिर के पास मुआवजे की राशि जमा करायें, वरना उनके खिलाफ कार्रवाई होगी. इसी का नतीजा है कि आज की तारीख तक 292 लोगों ने मुआवजे की कुल 17 लाख 52 हजार की राशि नाजिर के पास वापस की है. और यह सिलसिला जारी है. इसका असर अगल-बगल के ब्लॉक में भी हो रहा है. बहादुरगंज, टेढागाछ, दिघलबैंक और अररिया जिले के पलासी में भी खूब खुलासे हो रहे हैं और खबर सीमांचल पर पोस्ट किये जा रहे हैं. पलासी में तो प्रशासन ने दो लोगों को गिरफ्तार भी किया है.
डि-डुप्लीकेशन सॉफ्टवेयर रहा कारगर- एसडीओ, किशनगंज
किशनगंज के एसडीओ मो. शफीक मुआवजा राशि लौटाने की बात की पुष्टि करते हैं और कहते हैं कि खबर सीमांचल इस इलाके का सबसे मजबूत सोशल मीडिया फोरम है और गांव-गांव तक इसकी पैठ है. इसलिए उनके अभियान से प्रशासन को मदद मिल रही है. साथ ही वे यह भी जोड़ते हैं कि उन्होंने कोचाधामन ब्लॉक में डि-डुप्लीकेशन सॉफ्टवेयर चलवा कर 547 ऐसे लोगों का पता लगवाया है, जिन्होंने दो अलग-अलग वार्डों से मुआवजा राशि उठा ली है. ऐसे लोग भी पैसे वापस करा रहे हैं.
(प्रभात खबर में प्रकाशित)

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