सांसद निधि से कबीर शोध संस्थान और बहुजन चेतना केंद्र खोल रहे हैं मनोज झा

खबर आयी है कि राज्यसभा सांसद मनोज झा अपनी सांसद निधि से आज मेरे गृह जिला पूर्णिया में कबीर शोध संस्थान और बहुजन चेतना केंद्र खोलने की घोषणा करने वाले हैं. यह केंद्र पूर्णिया के कबीर मठ जीवन ज्योति केंद्र के परिसर में शुरू होगा. उसमें शोध संस्थान के साथ-साथ पुस्तकालय, चर्चा केंद्र, ई-पुस्तकालय और वृद्धाश्रम भी होगा. उनकी योजना इसे मुख्यालय के रूप में विकसित करने की है और बाद में इससे जोड़कर अन्य जिलों में भी ऐसे केंद्र खोलने की उनकी योजना है. मेरे हिसाब से सांसद निधि का यह बेहतरीन उपयोग है.

इससे पहले मेरे पूर्व प्रधान संपादक हरिवंश भी अपनी सांसद निधि से पटना के एनआईटी में रिवर स्टडी सेंटर की शुरुआत कर चुके हैं. इन दोनों राज्यसभा सांसदों ने अपनी निधि से रिसर्च सेंटर और स्टडी सेंटर खोलकर एक बेहतरीन शुरुआत की है. अपनी समझ-बूझ और बौद्धिक क्षमता की वजह से दोनों हैं भी राज्य सभा के आदर्श पात्र. पिछले दिनों धनपतियों को राज्यसभा भेजने की जो परंपरा शुरू हुई थी उससे उच्च सदन के स्तर में भी गिरावट आ गयी थी. परिमल नाथवाणी जैसा व्यक्ति पैसों के बल पर राज्य सभा चला जाता रहा है और वहां से अपनी कंपनियों की नीतियां प्रभावित करता है.

पूर्णिया में जो कबीर शोध संस्थान और बहुजन चेतना केंद्र खुलेगा उससे जाहिर तौर पर स्थानीय गरीब, पिछड़े और वंचित युवाओं का भला होगा. उनकी बौद्धिक क्षमता का विकास होगा और बुजुर्गों के लिए एक बेहतरीन जगह बनेगी. जहां वे पढ़-लिख और चर्चा कर पायेंगे.

यह जानकर इसलिए भी अच्छा लगा कि सांसद मनोज झा कोसी इलाके के लिए फिक्रमंद हैं. पिछले दिनों सहरसा में आयोजित कोशी शिखर सम्मेलन में वे पधारे थे तो मैंने मंच से ही कह दिया था कि आप जब बोलते हैं तो पूरा देश सुनता है. मगर आप सिर्फ अपनी पार्टी के लिए बोलते हैं, कभी अपनी धरती के लिए भी बोलिये, कोसी के लिए भी बोलिये. तो मंच से उन्होंने भी आश्वासन दिया था कि वे संसद में कोसी के सवालों को उठायेंगे. बाद में पता चला कि वे कोसी के मसले को लेकर कई मोर्चों पर सक्रिय हैं. अक्सर उन्हें पूर्णिया और सहरसा में देखा जा रहा है. उम्मीद है उनकी इस सक्रियता से कोसी के लोगों को इसी तरह लाभ मिलता रहेगा. शुभकामनाएं.

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