मांग-चांग के जुटाया 80 हजार औऱ बेटी को बांध दिया 60 साल के बुड्ढे के साथ

एक तरफ बिहार में दहेज प्रथा के खिलाफ सरकार अभियान चला रही है, तो दूसरी तरफ राज्य में दहेज और बेमेल विवाह की अजीब-गरीब घटनाएं सामने आ रही हैं. यह मामला किशनगंज जिले के पोठिया प्रखंड का है. एक व्यक्ति ने अपनी 20 साल की बेटी का निकाह एक साठ साल के बुड्ढे के साथ पढ़वा दिया है. वह भी 80 हजार रुपये दहेज देकर. खबर सीमांचल के सोशल मीडिया ग्रुप में इस शादी की तसवीरें साझा हुई तो मामले का पता चला.

साठ साल का यह दूल्हा पोठिया प्रखंड के रमनिया पोखर गांव का है, उसी प्रखंड के नौकट्टा गांव की एक 20 साल की लड़की से कल इसका निकाह हुआ है. गांव के एक युवक ने निकाह की तसवीर पोस्ट करते हुए लिखा है कि दहेज में देने के लिए लड़की के मां-बाप के पास पैसे नहीं थे. लिहाजा बेटी के मेल का दूल्हा नहीं खोज सके. एक बुड्ढा दूल्हा मिला भी तो उसने दहेज में 80 हजार रुपये नकद और डेढ़ तोला सोने की मांग कर दी. यह मांग भी लड़की के पिता ने लोगों से मांग कर पूरी की.
हालांकि दूल्हा पहले डेढ़ लाख रुपये मांग रहा था. बताया जा रहा है कि दूल्हे के नाती-पोते भी हो चुके हैं.

वैसे तो जानकार बताते हैं कि मुसलिम समाज में दहेज को गलत माना जाता है. मगर इस खबर से जाहिर हो रहा है कि उस समाज में भी दहेज कोढ़ बनकर रच-बस गया है. हां, यह अलग बात है कि कुछ लोग इसे दहेज नहीं, जहेज बोलते हैं. ताकि अल्लाह के कहर से बच सकें. लड़की नौकटटा के बहरा आलम की पुत्री इफरत है और दूल्हे का पुकारू नाम सनिया है.

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