जब पोलिटीशियन के घर की शादी भी पीआर इवेंट बन जाती है

कुछ शादियां सामान्य हुआ करती हैं, कुछ शादियां राजनीतिक महत्व की बन जाती हैं. ऐसी ही एक शादी आज होने वाली है, बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के पुत्र की. जिसे पूरी बिहार सरकार दहेज रहित सादगी वाले ब्याह का माडल बनाने में जुटी है. पूरी सरकार का फोकस आज पटना के वेटनरी ग्राउंड के पास है, जहां यह दहेज मुक्त विवाह होने वाला है. निश्चित तौर पर यह किसी राजनेता के लिए सराहणीय कदम है कि वह खुद ऐसा काम करे कि जनता के बीच अच्छा संदेश जाये. मगर जब शादी राज्य और नेता का पीआर साबित होने लगे तो सवाल उठेंगे ही. ऐसे मौके पर हमारे पत्रकार साथी बीरेंद्र यादव ने यह बहुत अच्छा आलेख लिखा है. आप जरूर पढें. साथ में उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के आप्त सचिव द्वारा जारी प्रेस रिलीज भी है. आप शादी की प्रेस रिलीज भी जरूर पढ़ें.

बीरेंद्र कुमार यादव

वैदिक मिथकों के अनुसार, जीवन में 16 संस्‍कार होते हैं. इसमें से एक है परिणय संस्‍कार यानी वैवाहिक जीवन की शुरुआत. नयी जिम्‍मेवारियों का अहसास. इसके साथ ही एक भव्‍य आयोजन भी. जहां भव्‍यता होगी, वहां व्‍यापकता भी आएगी. व्‍यापकता होगी तो बाजार भी आएगा. और बाजार के लिए हर आयोजन एक इवेंट है.

पत्रकार साथी बीरेंद्र यादव की ट्रेडमार्क तसवीर

परिणय संस्‍कार के साथ इवेंट भी हो गया है. शादी सदियों से इवेंट रहा है. राजा जनक के दरबार में ‘सीता स्‍वयंवर’ भी एक इवेंट था. मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार बिना दहेज वाले शादी में ही शामिल होते हैं. लोकतांत्रिक व्‍यवस्‍था में मुख्‍यमंत्री ही सबसे बड़ा ‘अतिथि’ होता है और हर कोई वैवाहिक कार्यक्रमों में सीएम को बुलाना चाहता है. नीतीश तो बिना दहेज के शादी करने वालों के घर जाकर भी शुभकामनाएं दे आते हैं. क्‍योंकि सरकार का कैंपेन है दहेज रहित शादी. शादी में सीएम शामिल हों तो सबसे बड़ा इवेंट. लेकिन बिना दहेज की शादी मानने का आधार क्‍या है, इसकी घोषणा सरकार ने नहीं की है. आम धारणा है कि कुछ लोग सीएम को विश्‍वास दिला देते हैं और कुछ लोग बिना दहेज शादी का शपथ पत्र दे आते हैं.

बिहार सरकार के उपमुख्‍यमंत्री सुशील मोदी के बड़े बेटे उत्‍कर्ष की शादी कल रविवार को है. लड़की वालों का सरनेम ‘वर्मा’ है. इसलिए यह अंतरजातीय विवाह भी होगा. शादी में दहेज नहीं लिया गया है, इसकी घोषणा शादी के निमंत्रण पत्र में ही है. इसलिए यह भी तय है कि मुख्‍यमंत्री भी आएंगे. शादी में सीएम के आने से समारोह इवेंट भी हो जाएगा.

रविवार को उत्‍कर्ष की शादी पटना का सबसे बड़ा इवेंट है. तैयारी भी भव्‍य तरीके से की जा रही है. शादी दिन में है वेटनरी कॉलेज मैदान में. बारात का संबंध रात से है, इसलिए शादी में शामिल होने वालों को बाराती भी नहीं कह सकते हैं. शादी के मौके पर आने वालों में सभी पार्टियों के नेता, अधिकारी, पत्रकार और दूसरे राज्‍यों के विशिष्‍ट अतिथि शामिल होंगे. यह बड़ा इवेंट होगा. इसको लेकर प्रशासनिक तैयारी भी व्‍यापक स्‍तर की जा रही है.

सुशील मोदी की खुद की शादी भी इवेंट थी. लेकिन उसमें बाजार नहीं था. अतिथि के रूप में भाजपा के वरिष्‍ठ नेता अटलबिहारी वाजपेयी भी परिणय के मौके पर मौजूद थे. उत्‍कर्ष की शादी एक इवेंट है. इवेंट का सोशल वैल्‍यू भी है और मार्केट वैल्‍यू भी. इवेंट होता है बाजार में छाने के लिए, समाज में गाने के लिए. लेकिन कल का इवेंट उससे आगे का है. इसका राजनीतिक बाजार भी है. नीतीश कुमार उत्‍कर्ष की शादी को ‘ब्रांड’ के रूप में अपनी सभाओं के पेश करेंगे और सुशील मोदी समर्थक उमुख्‍यमंत्री को सरकार के देहज रहित अभियान का ‘ब्रांड अंबेसडर’ के रूप में पेश करेंगे. आम आदमी तो बस ‘शाही शादी’ की खबरों से आनंदित हो रहा है.

डिप्टी सीएम के दफ्तर से जारी शादी की प्रेस रिलीज

बैंड, बाजा, बारात और बिना भोज होगी उपमुख्यमंत्री के बेटे की शादी

  • अपराह्न 03 से 05 बजे के बीच पूरी होगी शादी की रस्में
  • ई-निमंत्रण कार्ड से आमंत्रित किए गए हैं अतिथि
  • आमंत्रित अतिथियों को शादी के मौके पर प्रसाद स्वरूप दिए जायेंगे 4-4 लड्डू
  • लड्डू के पैकेट में ‘स्वच्छ भारत’ का संदेष-‘ खाली बोतल व डिब्बा डस्टबीन में डालें’
  • गिफ्ट लाने की मनाही, देहदान-अंगदान और दहेज रहित शादी का ले सकेंगे संकल्प

उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के बेटे उत्कर्ष तथागत और कोलकाता निवासी नवलजी केदारनाथ जी वर्मा की सुपुत्री यामिनी की शादी 03 दिसम्बर को अपराह्न 03 से 05 बजे के बीच बिहार वेटनरी कालेज के मैदान में बिना दहेज, बैंड, बाजा, बारात, नाच-गाने और भोज के होगी. आमंत्रित अथितियों में कई राज्यों के राज्यपाल, केन्द्रीय मंत्रीगण, बिहार सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री,उपमुख्यमंत्री, बिहार विधान सभा के अध्यक्ष, विधान परिषद के उप सभापति, राज्य सरकार के मंत्रीगण आदि ने शादी समारोह में शामिल होने की स्वीकृति प्रदान की है.

शादी समारोह में भाग लेने वाले गणमान्य अतिथियों में बिहार के राज्यपाल सत्यपाल मलिक, प. बंगाल के राज्यपाल श्री केशरीनाथ त्रिपाठी, गोवा की श्रीमती मृदुला सिन्हा और मेघालय के श्री गंगा प्रसाद, केन्द्रीय मंत्रियों में वित मंत्री अरुण जेटली, उपभोक्ता व सार्वजनिक वितरण मंत्री राम विलास पासवान, कानून व आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद, कृषि मंत्री राधामोहन सिंह, स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा, रसायन एवं उर्वरक मंत्री अनन्त कुमार, पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान, साइंस एंड टेक्नोलाॅजी मंत्री हर्ष वर्धन, वित राज्यमंत्री शिव प्रताप शुक्ला, सूक्ष्म लघु व मध्यम उद्योग मंत्री गिरिराज सिंह, खाद्य व प्रसंस्करण राज्यमंत्री श्रीमती साध्वी निरंजना ज्योति, मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री उपेन्द्र कुशवाहा, ग्रामीण विकास राज्यमंत्री राम कृपाल यादव होंगे.

बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार, झारखंड के श्री रघुवर दास, मध्यप्रदेश के श्री शिवराज सिंह चैहान,छत्तीसगढ़ के श्री रमण सिंह, हरियाणा के श्री मनोहर लाल खट्टर, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत व उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी शादी में आने की स्वीकृति दी है.

शादी के लिए कोई कार्ड नहीं छपवाया गया था बल्कि ई-कार्ड से सभी को आमंत्रित किया गया है. पहले ही घोषणा की गई है कि यह शादी दहेज रहित हो रही है तथा आमंत्रितों को गिफ्ट लाने की मनाही की गई है. अतिथि स्वेच्छा से अंगदान-देहदान के क्षेत्र में सक्रिय सामाजिक संस्था ‘ दधीचि देहदान समिति’ को सहयोग कर सकते हैं. आमंत्रित अतिथि दधीचि देहदान समिति और मां वैष्णव देवी सेवा समिति के स्टॉल पर चक्षुदान, अंगदान तथा बाल विवाह निषेघ व दहेज रहित शादी का संकल्प पत्र भर सकेंगे. सभी आमंत्रितों को 4-4 लड्डू प्रसाद स्वरूप तथा पाणि ग्रहण संस्कार की पुस्तिका भेंट स्वरूप दी जायेगी. आमंत्रितों के लिए समारोह स्थल पर चाय व पानी के स्टॉल भी लगाए जायेंगे.

-शैलेन्द्र कुमार ओझा, आप्त सचिव, उपमुख्यमंत्री, बिहार

 

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