चंपारण की लड़कियों ने लिखी चिट्ठी ‘बाल विवाह से बचा लीजिये मुख्यमंत्री जी’

पुष्यमित्र

पश्चिमी चंपारण के सुखावारी गांव की पांच लड़कियों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को चिट्ठी लिख कर उन्हें बाल विवाह का शिकार होने से बचाने की गुहार लगायी है. पत्र में इन लड़कियों ने लिखा है कि गांव में हाइ स्कूल नहीं होने की वजह से आठवीं के बाद उनकी पढ़ाई बंद हो गयी है और घरवाले शादी के लिए जोर डाल रहे हैं. इन लड़कियों ने गुहार लगायी है कि गांव में एक हाइ स्कूल खुलवा दें ताकि उनकी पढ़ाई जारी रह सके और वे बाल विवाह का शिकार होने से बच सकें.
इन लड़कियों ने जिस पत्र को मुख्यमंत्री को भेजा है, उसकी फोटो प्रति हमारे पास है. हम इन लड़कियों के नाम इसलिए सार्वजनिक नहीं करना चाहते कि इन किशोरियों को घर परिवार में कोई परेशानी न आये. कुल पांच किशोरियों ने मिलकर यह पत्र लिखा है. जिनकी उम्र 15 साल से 17 साल के बीच है. पत्र में किशोरियों ने लिखा है कि उनके पंचायत में जो हाइ स्कूल है, वह काफी दूर है, रास्ते में जंगल है और वहां आना जाना मुश्किल है. इसलिए उनकी पढ़ाई बंद हो गयी है.
लड़कियो की चिट्ठी, सावधानी वश नाम हटा दिये गये हैं
इस संवाददाता से टेलिफोन पर हुई बातचीत में किशोरियों ने बताया है कि स्कूल के रास्ते में एक जंगल है, इसलिए घर वाले उन्हें स्कूल नहीं भेजना चाहते. इस रास्ते में लड़कियों के साथ कुछ घटनाएं भी हो चुकी हैं. एक लड़की ने तो यह भी बताया कि वह इसके बावजूद उस स्कूल जाकर पढ़ने के लिए तैयार है, मगर उनके माता-पिता ने उसका ट्रांसफर सर्टिफिकेट छिपा दिया है और वे शादी की तैयारी कर रहे हैं.
लड़कियों का कहना है कि जब तक वे पढ़ती रहती हैं, घरवाले शादी ब्याह का दबाव नहीं बनाते. इसलिए पढ़ाई-लिखाई ही उनके बचाव का सबसे बड़ा हथियार है. वे जैसे पढ़ाई बंद करके घर में बैठ जाती हैं, आस-पड़ोस की महिलाएं और नाते-रिश्तेदार पूछताछ करने लगते हैं और रिश्ता लेकर पहुंचने लगते हैं. इसलिए बाल विवाह से बचाव का सबसे कारगर हथियार पढ़ना ही है. मगर आसपास में स्कूल नहीं होने की वजह से लड़कियों की पढ़ाई बंद कर दी जाती है. इसी वजह से उन्होंने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है कि उनके गांव में हाइस्कूल खुलवा दें, ताकि उनकी पढ़ाई जारी रह सके और वे बाल विवाह का शिकार होने से बच जायें.
(प्रभात खबर में प्रकाशित)

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