क्या रंजीत रंजन की वजह से फंस गया है महागठबन्धन?

पुष्यमित्र

चुनाव सर पर है। दूसरे चरण का भी नोमिनेशन चल रहा है। मगर महागठबंधन है कि फाइनल हो ही नहीं रहा है। आज सुबह से ऐसी चर्चा तेज है कि यह गठबन्धन टूट भी सकता है। आखिर इस टूट की वजह क्या? खबर मिली है कि यह सारा मामला सुपौल की निवर्तमान सांसद रंजीत रंजन की वजह से फंसा है। पप्पू यादव से बुरी तरह चिढ़ने वाले तेजस्वी चाहते हैं कि कांग्रेस वहां उम्मीदवार बदल ले। जबकि दरभंगा के मसले पर पहले ही समझौते के लिये तैयार कांग्रेस अब और झुकने के लिये तैयार नहीं है। यह भी सुना जा रहा है कि कांग्रेस ने अब बेगुसराय से कन्हैया को समर्थन देने और वहां से राजद का उम्मीदवार हटाने की मांग कर रही है।

कांग्रेस में शामिल एक विश्वसनीय सूत्र ने यह जानकारी दी है। उनका कहना है कि दरभंगा के मसले पर कांग्रेस ने मन बना लिया था कि कीर्ति को किसी और फॉरवर्ड बहुल सीट से उतारा जायेगा। वाल्मिकीनगर और धनबाद की सीट पर भी चर्चा हुई थी। मगर अब राजद ने सुपौल पर भी आपत्ति कर दी है। वे यहां से हम पर उम्मीदवार बदलने का दबाव बना रहे हैं। हम कितना झुकें। वह हमारी विनिंग कैंडिडेट है, उन्हें कैसे मना कर सकते हैं।

तेजस्वी की रंजीत रंजन को लेकर आपत्ति उनके पति और जाप नेता पप्पू यादव की वजह से है। वे अक्सर लालू परिवार पर वंशवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते रहते हैं। इसके साथ ही वे लालू के पुत्रों पर टिप्पणियां भी करते रहते हैं। जाहिर है अब तेजस्वी को उनसे बदला निकालने का अवसर मिल गया है। खबर है कि वे सुपौल सीट पर अपने एक विधायक को टिकट देने का दबाव कांग्रेस पर बना रहे हैं।

इधर लगातार दबाव झेल रही कांग्रेस ने भी अब आर या पार का मूड बना लिया है। खबर है कि इनलोगों ने बेगुसराय से राजद को अपना उम्मीदवार हटाने का कन्हैया का समर्थन करने की शर्त रख दी है।

अब यह महागठबंधन टूटता है या रहता है यह देखने की बात होगी।

Spread the love

Related posts