आइये जानते हैं आखर के इस बार के मेहमान सौरभ पांडेय को, आयोजन कल है

बिहार की लोकभाषाओं को लेकर चलाये जा रहे गंभीर विमर्श के मासिक आयोजन आखर में इस माह के मेहमान भोजपुरी लेखक सौरभ पांडेय होंगे. कल पटना स्थित बिहार इंडस्ट्रीज एसोशियेशन के भवन में दिन ग्यारह बजे इनसे बातचीत करेंगे लेखक-पत्रकार जीतेंद्र वर्मा. अगर आप बिहार के लोकभाषा और साहित्य पर गंभीर विमर्श में रुचि रखते हैं तो यहां समय निकाल कर पहुंचें.

आइये लेखक सौरभ पांडेय का परिचय जानते हैं

सौरभ पाण्डेय का मूल पैत्रिक स्थान उत्तरप्रदेश के बलिया जनपद का द्वाबा परिक्षेत्र है. विगत पच्चीस वर्षों से आपका परिवार इलाहाबाद में है. उनकी पहचान एक गंभीर साहित्यकार के रूप में होती है.
सौरभ काव्य की लगभग सभी विधाओं तथा शैलियों में रचनाकर्म करते हैं, यथा, ग़ज़ल, गीत-नवगीत, मुक्तछन्द, शब्द-चित्र, अतुकान्त शैलियाँ आदि. विभिन्न छंदों पर रचनाकर्म करने को आपने गंभीरता से लिया है. ई-पत्रिका ओपन बुक्स ऑनलाइन डॉट कॉम के प्रबन्धन मण्डल के सदस्य तौर पर इनका मनोनयन हुआ है. ’अंजुमन’ (अर्द्धवार्षिक पत्रिका) के परामर्शदात्री समूह के भी वे सदस्य हैं. भोजपुरी मासिक ई-पत्रिका ’आखर’ में इनका कॉलम ’बतकूचन’ अत्यंत प्रसिद्ध हुआ है. आकाशवाणी से इनकी रचनाओं का पाठ होता रहा है.
पुस्तकें व कॉलम : परों को खोलते हुए शृंखला (सम्पादन), इकड़याँ जेबी से (काव्य-संग्रह), छन्द-मञ्जरी (छन्द-विधान).
भोजपुरी मासिक पत्रिका ’आखर’ में नियमित कॉलम ’बतकूचन’
विधा :ग़ज़ल, गीत-नवगीत, मुक्तछन्द, शब्द-चित्र, अतुकान्त शैलियाँ आदि
रचना-भाषा : हिन्दी, भोजपुरी
सम्बद्ध मंच : प्रबन्धन सदस्य, ई-पत्रिका ओपनबुक्सऑनलाइन; सदस्य प्रमर्शदात्री समूह, विश्वगाथा (त्रैमासिक पत्रिका), सदस्य सलाहकार समिति, अंजुमन (अर्द्धवार्षिक पत्रिका)
सम्मान: हिन्दी प्रतिभा सम्मान (2014), अनाममण्डली प्रशंसा-पत्र, काठमाण्डू (2014), रमेश हठीला शिवना सम्मान (2015), गीतिकाश्री सम्मान (2016), रंगवीथिका सम्मान (2016), साहित्य-सर्जन शिखर सम्मान (2016), साहित्य शिरोमणि सम्मान, भारतीय साहित्य संस्था (2016), ‘छंद-विशारद’, अखिल भारतीय दिव्य-साहित्य सम्मान (2017)।
यह आयोजन प्रभा खेतान फाउंडेशन और मसि इंक के सहयोग से हो रहा है.

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