अब बताइये, यह लड़की अपने नंबर घटवाने के लिए परेशान है

ऐसे किस्से आपने खूब सुने होंगे कि किसी छात्र को परीक्षा में उम्मीद से कम नंबर आ गये और वह नंबर बढ़वाने के लिए बोर्ड में आवेदन दे रहा है, आरटीआई कर रहा है, कोर्ट जा रहा है. मगर यह बिल्कुल अलग किस्सा है. एक लड़की इसलिए परेशान है कि उसे बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने जरूरत से अधिक नंबर दे दिये हैं. वह नंबर घटवाने के लिए परीक्षा समिति के दफ्तर का चक्कर लगा रही है.

यह कारनामा भागलपुर जिले की छात्रा प्रियंका के साथ हुआ है. दरअसल बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने उसे इंटरमीडियेट की परीक्षा के 50 अंकों की विषय में 55 नंबर दे दिये हैं. अब प्रियंका की परेशानी यह है कि वह इस मार्कशीट को कहीं दिखाये तो लोग बोर्ड पर तो हंसेंगे ही उसका भी काम अटक जायेगा. इसलिए वह नंबर घटवाने के लिए बार-बार बोर्ड के चक्कर काट रही है. मगर बोर्ड के कर्मचारी उसका नंबर घटाने के लिए तैयार नहीं हैं.

ऐसा ही मामला भागलपुर के एक अन्य छात्र रोहित के साथ हो गया है. उसे 100 अंकों की परीक्षा में 102 नंबर मिल गये हैं. वह भी अपने नंबर घटवाने के लिए परेशान है. उसके साथ भी इंटरमीडियेट की परीक्षा के दौरान हुआ है.

दरअसल मामला यह है कि इंटरमीडियेट की परीक्षा में ये दोनों छात्र एक-एक विषय में अनुतीर्ण हो गये थे. दोनों ने नंबर बढ़वाने के लिए स्क्रूटनी का आवेदन दिया तो इन दोनों के नंबर इतने बढ़ गये कि अधिकतम सीमा को भी पार कर गये.

अक्सर अपने अजीबोगरीब मामले के लिए मशहूर हो चुकी बिहार विद्यालय परीक्षा समिति का यह कारनामा सबसे कमाल है. मगर बोर्ड के चेयरमैन आनंद किशोर इससे परेशान नहीं हैं. वे कहते हैं कि छात्रों को परेशान होने की जरूरत नहीं है, मुझसे मिलें, काम हो जायेगा. मगर चेयरमैन साहब यह नहीं बता रहे हैं कि उनका बोर्ड आखिर कब ऐसे कारनामे करना बंद करेगा.

( यह खबर आज दैनिक हिंदुस्तान में प्रकाशित हुई है.)

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